भारतीय समकालीन युवा और राष्ट्र विकास का समीक्षात्मक अध्ययन

Authors

  • डॉ. कंचन जैन Author

Keywords:

समकालीन युवा,राष्ट्र विकास, समीक्षात्मक अध्ययन,जनसांख्यिकीय लाभांश, तकनीकी क्रांति, नवाचार ।

Abstract

यह शोध भारतीय समकालीन युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका का एक समीक्षात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। 21वीं सदी में भारत एक अभूतपूर्व जनसांख्यिकीय लाभांश का साक्षी है, जहाँ युवा आबादी देश की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है। यह अध्ययन इस बात की पुष्टि करने का प्रयास करता है कि आधुनिक भारत का युवा वर्ग किस प्रकार पारंपरिक सीमाओं को पार कर राष्ट्र के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास को दिशा दे रहा है।

शोध में यह दर्शाया गया है कि आज का युवा न केवल अपनी शिक्षा और कौशल के माध्यम से आर्थिक वृद्धि में योगदान दे रहा है, बल्कि वह सामाजिक न्याय, पर्यावरणीय चेतना और तकनीकी नवाचार के प्रति भी अधिक जागरूक है। वे स्टार्टअप, सामाजिक उद्यमों और नागरिक आंदोलनों के माध्यम से परिवर्तन के वाहक बन रहे हैं। इस प्रक्रिया में कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जैसे बेरोजगारी, डिजिटल डिवाइड और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे, जो युवाओं की पूर्ण क्षमता को बाधित कर सकते हैं।

यह शोध सार, उपलब्ध साहित्य, सरकारी रिपोर्टों और समसामयिक घटनाओं के आधार पर, इन चुनौतियों और अवसरों का गहन मूल्यांकन करता है। इसका उद्देश्य यह स्थापित करना है कि यदि उचित नीतिगत समर्थन और मार्गदर्शन मिले तो भारतीय युवा राष्ट्र विकास की गति को और भी तीव्र कर सकते हैं, जिससे भारत एक विकसित और समावेशी राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सके। यह अध्ययन नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और समाजशास्त्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ प्रदान करता है, ताकि वे युवा-केंद्रित विकास रणनीतियों को प्रभावी ढंग से तैयार कर सकें।

Author Biography

  • डॉ. कंचन जैन

    शिक्षाशास्त्र विभाग, सनराइज विश्वविद्यालय, अलवर, राजस्थान

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Published

2026-03-25

How to Cite

भारतीय समकालीन युवा और राष्ट्र विकास का समीक्षात्मक अध्ययन. (2026). Innovative Journal for Advances in Education, Science, Commerce & Multidisciplinary Learning, 18-20. https://ijaescml.net/index.php/files/article/view/9